2026-07-24
यह लेख पीटीएफई सतह संशोधन के लिए लौ उपचार की व्यवहार्यता की जांच करता है और कोरोना और प्लाज्मा उपचार के साथ प्रभावों की तुलना करता है। व्यवहार्यता: लौ पीटीएफई को संशोधित कर सकती है लेकिन शायद ही कभी औद्योगिक रूप से उपयोग किया जाता है - सुरक्षा जोखिम (पीटीएफई विषाक्त एचएफ और पेरफ्लूरोइसोब्यूटिलीन को विघटित करता है); प्रदर्शन सीमित (सतह ऊर्जा केवल 30-35 mN/m, कमजोर सीमा परत बनाती है)। कार्य तंत्र: लौ - क्षणिक उच्च तापमान ऑक्सीकरण (>1000 डिग्री सेल्सियस), मामूली नक़्क़ाशी, कुछ ऑक्सीजन समूह; कोरोना - उच्च-वोल्टेज डिस्चार्ज ओजोन/सक्रिय ऑक्सीजन उत्पन्न करता है, हल्का ऑक्सीकरण, कम ऊर्जा घनत्व सीएफ बांड को नहीं तोड़ सकता है; प्लाज्मा - उच्च-ऊर्जा कण/इलेक्ट्रॉन/मुक्त कण सीधे सीएफ बांड और ग्राफ्ट ध्रुवीय समूहों (हाइड्रॉक्सिल, कार्बोक्सिल, अमीनो) को तोड़ते हैं।
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